(5 of 2021) 📚 'अपराधी कौन' शिवानी द्वारा ft. मेरा योगामैट 😁 📚 कहानी कहना एक कला है, और हर लेखक इसे अपने तरीके से कहता है. कुछ लेखक बड़े जटिल, घुमावदार और डार्क ढंग से और कुछ बड़े सरल, सीधे और स्पष्ट ढंग से. शिवानी मेरी मनपसन्द लेखिका हैं और लेखकों के इस दूसरे वर्ग से आती हैं. 🌄 पहाड़ी अंचल से नाता रखने वाली शिवानी की कहानियों में पहाड़ी देहातों ही सी ताज़गी, सादगी और गहराई देखने मिलती है. जब अपनी कहानी 'अलख माई' में निम्न पंक्तियों का उल्लेख करती हैं, तो पाठक को भी अपने साथ उस पहाड़ी बेर वृक्ष के नीचे खींच लाती हैं - "बेर पाको बारोमासा आहा काफ़ल पाको चैता मेरी छैला" 🏞️ राधाकृष्ण प्रकाशन दुआरा छपी "अपराधी कौन" लघु कहानियों का संग्रह है जिसमें से अधिकतर कहानियां कारागृह से हैं. 'जा रे एकाकी', 'छि: मम्मी, तुम गंदी हो', 'साधो, ई मुर्दन के गाँव' और 'अलख माई' कहानियां विभिन्न पृष्ठभूमि के बंदी और बंदिनियों (मुख्यतः) की कहानियां हैं. जेल चाहे सलाखों की हो या मन की, कैसी किसी व्यक्ति की इच्छाशक्ति के स...